करपावंड में सीमांकन पर बवाल, न्यायालयी कार्रवाई के बीच भड़का विरोध
नापजोख के दौरान बिगड़े हालात, प्रशासन की सख्ती के बीच गांव में पुलिस निगरानी

जगदलपुर। बस्तर जिले के करपावंड गांव में जमीन सीमांकन की कार्रवाई उस समय विवाद का रूप ले बैठी, जब न्यायालय के आदेश के तहत चल रही प्रक्रिया का कुछ ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते बहस और विरोध ने उग्र रूप ले लिया, जिससे गांव में तनाव का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार, राजस्व विभाग की टीम पुलिस बल के साथ न्यायालय के निर्देशानुसार भूमि की नापजोख और सीमांकन के लिए गांव पहुंची थी। कार्रवाई के दौरान कुछ ग्रामीणों ने आपत्ति जताई और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। आरोप है कि स्थिति इतनी बिगड़ गई कि सरकारी कार्य प्रभावित होने लगा और मौके पर मौजूद अधिकारियों को हस्तक्षेप करना पड़ा।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विवाद के बीच जमीन से जुड़े पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और मारपीट की नौबत आ गई। हालात बिगड़ते देख अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और स्थिति को नियंत्रण में लिया गया।
बस्तर पुलिस के अनुसार, सरकारी कार्य में बाधा डालने और कानून-व्यवस्था प्रभावित करने के आरोप में कुल 21 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इनमें से 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया, जबकि अन्य की तलाश जारी है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि न्यायालय के आदेश का पालन कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है और शासकीय कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई जारी रहेगी।
घटना के बाद करपावंड गांव में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। प्रशासन ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने, अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी विवाद का समाधान कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से करने की अपील की है।
यह घटना एक बार फिर बताती है कि जमीन से जुड़े विवाद कितनी तेजी से सामाजिक तनाव का कारण बन सकते हैं और ऐसे मामलों में संवाद, संवेदनशीलता तथा कानून का संतुलित पालन कितना आवश्यक है।




