पत्रकार सुरक्षा कानून के पूर्ण क्रियान्वयन की मांग को लेकर जगदलपुर में पत्रकारों का धरना

जगदलपुर। पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग को लेकर बस्तर जिला पत्रकार संघ के बैनर तले रविवार को जगदलपुर में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस दौरान जिले भर से पहुंचे पत्रकारों ने एकजुट होकर छत्तीसगढ़ मीडियाकर्मी सुरक्षा विधेयक, 2023 को पूर्ण रूप से अधिसूचित कर प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग उठाई।
धरना स्थल पर वक्ताओं ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तंभ हैं और समाज के सामने सत्य को उजागर करने का महत्वपूर्ण दायित्व निभाते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना राज्य की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में छत्तीसगढ़ विधानसभा द्वारा पत्रकार सुरक्षा कानून को सर्वसम्मति से पारित किया गया था, लेकिन सरकार परिवर्तन के बाद इसके आवश्यक नियम एवं प्रक्रियाएं अब तक अधिसूचित नहीं हो सकी हैं। परिणामस्वरूप कानून का लाभ जमीनी स्तर पर पत्रकारों तक नहीं पहुंच पा रहा है।
पत्रकारों ने कहा कि इस कानून का उद्देश्य पत्रकारों को धमकी, प्रताड़ना, दबाव तथा दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई से संरक्षण प्रदान करना है। इसके तहत विशेष सुरक्षा समिति के गठन सहित कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं, लेकिन नियमों के अभाव में ये प्रावधान प्रभावी रूप से लागू नहीं हो पा रहे हैं।
बस्तर जिला पत्रकार संघ ने राज्य सरकार से मांग की कि लंबित नियमों को शीघ्र अधिसूचित कर पत्रकार सुरक्षा कानून को तत्काल पूर्ण रूप से लागू किया जाए, ताकि पत्रकार निर्भीक होकर अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें और उनके संवैधानिक अधिकारों की प्रभावी रक्षा सुनिश्चित हो सके।
धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पत्रकार शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा से जुड़ा यह कानून केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि इसका लाभ प्रदेश के प्रत्येक पत्रकार को मिले। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक पहल नहीं की गई तो भविष्य में व्यापक आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी।




