रावघाट–जगदलपुर रेललाइन: स्वीकृति के बाद भी इंतजार, आखिर कब दौड़ेगी ट्रेन?

जगदलपुर। बस्तरवासियों का वर्षों पुराना सपना रावघाट–जगदलपुर रेललाइन परियोजना एक बार फिर चर्चा में है। केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू द्वारा रेललाइन को स्वीकृति मिलने की घोषणा के बाद लोगों में उम्मीद तो जगी है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल अब भी बरकरार है कि आखिर इस परियोजना का निर्माण कार्य कब शुरू होगा और बस्तर को रेल सुविधा का लाभ कब मिलेगा।
रावघाट से जगदलपुर तक प्रस्तावित लगभग 140 किलोमीटर लंबी रेललाइन को बस्तर के विकास की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यह परियोजना न केवल यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाएगी, बल्कि क्षेत्र के औद्योगिक, व्यापारिक और पर्यटन विकास को भी नई गति देगी।
इससे पहले भी विभिन्न मंचों और चुनावी सभाओं में इस रेललाइन को लेकर कई घोषणाएं और आश्वासन दिए जाते रहे हैं। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान भी बस्तर की जनता को भरोसा दिलाया गया था कि डबल इंजन सरकार बनने के बाद परियोजना में तेजी आएगी। हालांकि, समय बीतने के बावजूद जमीनी स्तर पर काम शुरू नहीं हो सका है।
रावघाट तक रेललाइन निर्माण का कार्य पूरा होने में लगभग 16 वर्ष का लंबा समय लगा। ऐसे में अब लोगों के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि जगदलपुर तक रेललाइन पहुंचने में और कितना समय लगेगा।
स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि केवल स्वीकृति और घोषणाओं से काम नहीं चलेगा। सरकार को परियोजना की स्पष्ट समय-सीमा घोषित करनी चाहिए और निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ करना चाहिए, ताकि बस्तर के लोग भी देश के बेहतर रेल नेटवर्क से जुड़ सकें।
बस्तरवासियों की अपेक्षा अब केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं है। लोग यह जानना चाहते हैं कि जिस दिन इस परियोजना का निर्माण कार्य धरातल पर शुरू होगा, वही दिन उनके लिए वास्तविक खुशी और विश्वास का दिन होगा।




