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छत्तीसगढ़

पल्स पोलियो और मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान को लेकर हुई समीक्षा बैठक

गर्भवती महिलाओं की प्रथम तिमाही में ही अनिवार्य रूप से एएनसी एंट्री करने के निर्देश*

 

जगदलपुर 25 जून 2026/ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बस्तर में जिला टीकाकरण अधिकारी और खंड चिकित्सा अधिकारी की उपस्थिति में आयोजित बैठक के दौरान मैदानी स्वास्थ्य कर्मचारियों को आगामी पल्स पोलियो अभियान, मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान और आरसीएच पोर्टल पर शत-प्रतिशत प्रविष्टियों को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए।

बैठक में जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. सी. मैत्री ने पड़ोसी देशों में पोलियो के सक्रिय मामलों का हवाला दिया और विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने आगामी 28 जून से शुरू हो रहे पल्स पोलियो अभियान को सफल बनाने के लिए कोल्ड चेन प्रबंधन और वैक्सीन की सुरक्षा को सर्वोपरि बताया। स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देशित किया गया कि वैक्सीन वायल मॉनिटर स्टेज 2 तक ही उपयोगी होता है, इसलिए वैक्सीन वायल की एक्सपायरी डेट और एमएफके की बारीकी से जांच करने के बाद ही एक-एक कर वायल खोली जाए। साथ ही कोल्ड चेन बनाए रखने के लिए केवल फ्रोजन यानी जमे हुए आइस पैक का ही उपयोग करने और उन्हें बार-बार बाहर न निकालने के निर्देश दिए गए। अभियान के पहले दिन बूथों पर 95 प्रतिशत से अधिक बच्चों को दवा पिलाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है, जिसका शुभारंभ स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा किया जाएगा। इस महाअभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिनों और कोटवारों के माध्यम से गांवों में मुनादी कराई जाएगी और स्कूली रैलियां भी निकाली जाएंगी। डॉ. मैत्री ने कोई भी बच्चा न छूटे के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि दूसरे और तीसरे दिन चलाए जाने वाले होम विजिट यानी घर-घर दस्तक अभियान के दौरान रास्ते, खेत-खलिहान और ईंट-भट्टों जैसे दुर्गम स्थलों पर मौजूद हर एक बच्चे को कवर किया जाए। इसके लिए सुपरवाइजरों को बूथों का दौरा कर सही मार्किंग जांचने और हर क्षेत्र में 10 घरों का क्रॉस-वेरिफिकेशन करने की जिम्मेदारी दी गई है, और यदि किसी क्षेत्र के 2 से 3 घरों में गलत मार्किंग या फॉल्स-पी पाया जाता है, तो वहां दोबारा मुस्तैदी से होम विजिट कराई जाएगी।

इसी क्रम में खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. नारायण नाग ने मैदानी अमले को चिह्नांकित गांवों में मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान को और अधिक गति देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लक्षित गांवों में आरडी किट के जरिए पूरी आबादी की शत-प्रतिशत जांच की जाए और उसकी ऑनलाइन एंट्री तत्काल सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही स्वच्छ एवं स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत प्रत्येक गुरूवार को 10 बजे, 10 हफ्ता, 10 मिनट के नारे के साथ विशेष स्वच्छता अभियान चलाने की अपील की गई। इस अभियान के अंतर्गत सभी संस्थाओं, कार्यालयों और घरों में ड्राय-डे मनाया जाएगा, जिसके तहत कूलर, गमले, टायर और मिट्टी के घड़ों में जमा पानी को खाली कराया जाएगा ताकि वर्षा ऋतु में होने वाली मौसमी बीमारियों जैसे मलेरिया और डेंगू के मच्छर व लार्वा न पनप सकें।

बैठक के अंतिम चरण में उप स्वास्थ्य केंद्रवार आरसीएच और एचएमआईएस पोर्टल पर डेटा एंट्री की भी कड़ी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने सभी गर्भवती महिलाओं की प्रथम तिमाही में ही अनिवार्य रूप से एएनसी एंट्री सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रसव की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव यानी प्रसव अस्पतालों में ही कराने और नवजात शिशुओं को जन्म के तुरंत बाद जीरो डोज के तहत हेपेटाइटिस-बी, पोलियो और बीसीजी के टीके समय पर लगाने पर विशेष जोर दिया गया। इसके अलावा, बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र भी शीघ्र जारी करने के निर्देश दिए गए। इस समीक्षा बैठक में बीपीएम राजेंद्र बघेल, बीई जिली मंडावी समेत क्षेत्र के सभी सेक्टर सुपरवाइजर, सीएचओ और आरएचओ उपस्थित रहे।

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